Top Guidelines Of protection mantra

जहां कभी आपको बहुत अच्छे सपने दिखते हैं, वहीं कई बार आप डर और घबराहट से उठते हैं.

स्क्रीन से दूरी बनाए रखें: सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि इनसे नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।

दिन में कोई ऐसी घटना हुई हो जो आपके दिमाग में बार बार आ रही है, तो आप बुरे सपने देख सकते हैं. 

सपने मूल रूप से ऐसी कहानियां और चित्र होते हैं जो हमारा दिमाग में सोते समय बनते हैं। वे सजीव भी हो सकते हैं और कभी-कभी वे आपको खुश, उदास या डरा हुआ महसूस करा सकते हैं। और हमे यह लगता है की डरावने सपने क्यों आते हैं, जो पूरी तरह से भ्रामक या तर्कसंगत नहीं लगते हैं।

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कई बार मन थका हुआ होता है और शरीर भी कमजोर है तब बुरे सपने आते हैं. 

प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का सपने क्यों आते हैं इसे लेकर ऐसा मानना था कि सपने हमारे अवचेतन मन की एक खिड़की की तरह होते हैं और ये हमे उस व्यक्ति के बारे में बताते हैं, जैसे:

यह खौफ का ऐसा मंजर होता है, जिसमें आप अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर छिपते हैं.

नाइटमेयर आने पर आपको थकान कमजोरी होने जैसे लक्षण दिख सकते हैं. 

डरावने सपने अक्सर नकारात्मक बातों से जुड़े हुए होते हैं। ये सपने अक्सर व्यक्ति के मन में चिंता, उदासी या भय पैदा करने वाले होते हैं। ऐसे सपने व्यस्कों से ज्यादा बच्चों को ज्यादा आते हैं। 

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Mansi Sheth claimed, “The chemistry is definitely the emphasize of the show and when Anupamaa and Vanraj had been seen at loggerheads, it was attractive to determine how Anupamaa stood up for herself and Vanraj’s reactions have been an increase on.”

बुरे सपने आने का कारण ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेना भी हो सकता है,ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेने से अन‍िद्रा की समस्‍या हो जाती है और आपको बुरे सपने आ सकते हैं

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